Wednesday, 17 September 2014

पप्पू: लोग कहते है कि हम अपनी गलतियों से सीखते हैं।

पप्पू: लोग कहते है कि हम अपनी गलतियों से सीखते हैं।
टीचर: हाँ बिल्कुल सही है।
पप्पू: इसीलिए मैं इतनी गलतियां करता हूँ ताकि मैं Genius बन सकूँ।

वो मुझसे मिलकर रोई इतना कि

वो मुझसे मिलकर रोई इतना कि...
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उसकी नाक का बुलबुला देख मेरी हँसी निकल गयी।

ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो

ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो;
हर रात की नयी सुबह का इंतज़ार करो;
वो पल भी आएगा जिसका आपको इंतज़ार है;
बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करो।
सुप्रभात!

हो चुकी है रात बहुत अब सो जाइए

हो चुकी है रात बहुत अब सो जाइए;
जो है दिल के करीब उसके ख्यालों में खो जाइए;
कर रहा होगा कोई इंतज़ार आपका;
हकीकत में ना सही ख्वाबों में तो मिल आईये।
शुभ रात्रि!

ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बस्ता है

ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बस्ता है;
इसलिए अपनी आत्मा को पवित्र बनाओ।

दीपक तो अँधेरे में ही जला करते हैं

दीपक तो अँधेरे में ही जला करते हैं;
फूल तो काँटो में ही खिला करते हैं;
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर;
हीरे तो अक्सर कोयले में ही मिला करते हैं।

अगर मुझे खिलाओगे तो मैं ज़िंदा रहूंगी

अगर मुझे खिलाओगे तो मैं ज़िंदा रहूंगी;
अगर पिलाओगे तो मैं मर जाउंगी;
बताओ मैं कौन हूँ और मुझे क्या खिलाओगे क्या नहीं पिलाओगे?